मृदा स्वास्थ्य कार्ड
मृदा स्वास्थ्य कार्ड एक प्रिंटेड रिपोर्ट है। इसे किसान को उसकी हर जरूरत के लिए दिया जाता है। मिट्टी की जांच के बाद तैयार किया जाता है कार्ड में खेत की मिट्टी की पूरी जानकारी लिखी होती है। जैसे मिट्टी में किन किन पोषक तत्वों की कितनी कितनी मात्रा है। कौन-कौन सा उर्वरक अपने खेत में डालना चाहिए।
जांच के लिए अधिकारी खेत पर जाकर मिट्टी का नमूना लेते हैं। इसके बाद लैब ले जाकर मिट्टी की जांच की जाती है। मिट्टी की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की जाती है हर 3 साल में किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिया जाता है। यह मृदा स्वास्थ्य कार्ड सभी किसानों को मुफ्त में दिया जाता है। मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए सरकार ने इस योजना की शुरुआत की थी।
कैसे बनाएं मृदा स्वास्थ्य कार्ड - Govt. की आफिशियल वेबसाईट Soilhealth.dac.gov.in पर जाएं। Home page पर log in के आॅप्शन पर क्लिक करें। आपके सामने आगे का पेज खुल जायेगा। इस पेज पर अपना राज्य चुनें। Continue के button पर क्लिक करें। यदि पहले ही रजिस्टर हो चुकें हैं। तो User name और password डालकर आगे बढ़े। Register नहीं है तो नीचे Register new users पर क्लिक करें। आपके सामने Registration form खुलेगा। इस Registration form में User organisation details, language, user details, user log in account details की जानकारी भरे। आखिर में Submit के Button पर क्लिक करें। इसके बाद log in करके मिटटी की जांच के लिए आवेदन करें।
Helpline number :- 011-24305591
011-24305948
पर आवेदन के लिए कॉल कर सकते हैं।
Help desk - Soil@gov.in पर gmail भी कर सकते हैं।
ICAR मिट्टी की जांच और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन पर प्रशिक्षण देता है।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड के फायदे - यह कार्ड मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड से खेत की मिट्टी की कमजोरियों का पता चलता है पता लगता है कि खेत के लिए कौन-सी फसल लगाना ठीक रहेगा खेत में कितने उर्वरक की जरूरत होगी इनकी जानकारी भी मिलती है। इन जानकारियों से किसान मिट्टी को दुरस्त कर सकते हैं। कार्ड का मकसद मिट्टी को उपजाऊ और गुणवान बनाना है, लागत घटाने और उपज बढ़ाने में भी मददगार है।



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