मच्छर के बारे में सामान्य जानकारी -

1. मच्छर एक छोटा सामान्य कीड़ा है। 

2. इसका शरीर बहुत पतला होता है। 

3. इसका सिर छोटा होता है। 

4. इसके शरीर पर दो एंटीना होते हैं। 

5. वे इसके इंद्रिय अंग होते हैं। 

6. इसके 6 पैर होते हैं।

7. वे बहुत पतले होते हैं। 

8. इसके पंख छोटे और पारदर्शी होते हैं। 

9. इसकी आंखें बहुत छोटी होती है।

10. यह पानी तथा गंदगी के पास पाया जाता है।

11. यह हमें काटता है तथा हमारा खून चूसता है।

12. यह कई बीमारियों का कारण बनता है।

13. इनमें से कुछ मलेरिया डेंगू आदि है।

14. हमें इससे अपने आप को बचाना चाहिए। 


डेंगू - 

16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है। डेंगू के बारे में जागरूकता प्रसारित करने और संचारण का मौसम शुरू होने से पहले देश में रोग नियंत्रण के लिए निवारक उपायों और उसकी तैयारी को तेज करने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की सिफारिश पर प्रतिवर्ष 16 मई को मनाया जाता है।


मानसून शुरू होने के साथ ही डेंगू बुखार का खतरा बढ़ जाता हैं।

डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से होता है यह मच्छर अधिकतर दिन में काटता है।

डेंगू मच्छर के काटने से 3 से 5 दिन बाद लक्षण दिखते हैं डेंगू बुखार के मुख्य लक्षण तीर बुखार अत्यधिक सिर दर्द, डेंगू बुखार को हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है।


डेंगू बुखार तीन प्रकार का होता है- 

1. साधारण डेंगू बुखार

2. डेंगू हेमरेजिक बुखार

3. डेंगू शॉक सिंड्रोम


1. साधारण डेंगू बुखार- 

यह साधारण बुखार होता है जो आमतौर पर स्वयं ठीक हो जाता है।

- ठंड लगने के साथ अचानक तेज बुखार चढ़ना।

- सिर, मांसपेशियों, जोड़ो, आंखों में दर्द होना। 

- अत्यधिक कमजोरी लगना।

- भूख में कमी तथा जी मितलाना।

- गले में हल्का सा दर्द होना।


2. डेंगू हेमरेजिक बुखार- 

इसमें साधारण बुखार के लक्षणों के साथ निम्न लक्षण नजर आते हैं- 

रक्तस्त्राव हेमरेज होने का प्रमुख लक्षण है जैसे नाक से खून आना, मसूड़ों से खून जाना, शौच या उल्टी में खून आना, त्वचा पर गहरे नीले - काले रंग के छोटे या बड़े चकत्ते पड़ जाना । 


3. डेंगू शॉक सिंड्रोम- 

इसमें डेंगू हेमरेजिक बुखार के लक्षण के साथ निम्न लक्षण नजर आते हैं- 

रोगी अत्यधिक बेचैन हो जाता है और तेज बुखार के बावजूद भी उसकी त्वचा ठंडी महसूस होती है रोगी धीरे-धीरे होश खोने लगता है रोगी का रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) कम होने लगता है। 

उपचार - यदि रोगी को साधारण डेंगू बुखार हो तो उसका उपचार व देखभाल घर पर की जा सकती हैं।

स्वास्थ्य कर्मचारी की सलाह के अनुसार पेरासिटामोल की गोली ले कर बुखार को कम रखिए।

रोगी को डिस्प्रिन,क एस्प्रीन कभी ना दें । यदि बुखार 100 डिग्री सेल्सियस से अधिक है तो हाइड्रोथेरेपी करें।


एडिज मच्छरों का प्रजनन रोकने के लिए उपाय - 

1. मच्छर केवल पानी के स्त्रोतों में है पैदा होते हैं जैसे की नालियों,गड्डों कुलरों, टुटी बोतलों, पुराने टायरो तथा इसी अन्य वस्तुओं में जहां पानी ठहरता है इन सभी जगहों पर पानी एकत्रित न होने दें। 

2. पानी की टंकियों तथा बर्तन को सही तरीके से ढक कर रखें ताकि मच्छर उसमें प्रवेश ना कर सके और प्रजनन न कर पाए। 

3. यदि कहीं पानी इकट्ठा हों रहा है तो सप्ताह में एक या दो बार पेट्रोल या मिट्टी का तेल डाल दें। जिससे मच्छरों के लार्वा मर जायेंगे। 

4. पानी के स्त्रोतों में आप कुछ छोटी किस्म की मछलियां भी डाल सकते हैं ये मछलियां पानी में पनप रहे मच्छरों वो उनके अण्डो को खा जाती हैं।

5. यदि आपके क्षेत्र में मच्छरों की संख्या में अधिक वृद्धि हो गई है और बुखार से काफी लोग ग्रसित हो रहें हैं तों अपने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र, नगरपालिका या पंचायत केंद्र में अवश्य सुचना दें।

6. एडिज मच्छर से बचाव के लिए अपने शरीर को ढककर रखें।

7. यदि किसी कारणवश दरवाजों व खिड़कियों पर जाली लगवाना संभव नहीं है तो पुरे घर में मच्छर मार घोल का छिड़काव करें।

8. डेंगू बुखार सर्वाधिक रुप से जुलाई से अक्टूबर माह के बीच की अवधि में होता है क्योंकि इस मौसम में मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां होती है इसलिए इस मौसम में हर सावधानी बरतनी चाहिए।

9. मच्छरों को भगाने व मारने के लिए मच्छर नाशक क्रीम स्प्रे, काॅइल्स आदि का प्रयोग करें। नीम के धुंए से मच्छर भगाना एक देशी उपाय है।

10. घर के आसपास के क्षेत्र में सफाई रखें। कूड़ा करकट इधर उधर ना फेंके।